Saturday, December 31, 2011

WISH U A VERY HAPPY NEW YEAR...

 

दिल को दिल का इशारा ही काफी है,
लबो को हरकत में आने की जरुरत ही नहीं..
सुन लेना मेरी दुआ को दूर से ही,
हमारी मुलाकात की कही कोई शाम नहीं....

फूल से महके आपके आने वाले हर दिन,
हर शाम रोशन हो आपकी चाँद की तरह..
हर पल में आपके अपनों का साथ हो,
खुशियों से भरा हो आपका दामन..
प्यार की हर तरफ बरसात हो...

आने वाले वक़्त में सब आपको मिले,
हर आरजू आपकी पूरी हो...
दर्द से दूर तू कही,हर ख़ुशी तेरी हो...

WISH U A VERY HAPPY NEW YEAR "PARI"
MAY GOD FULFILL YOURS ALL DREAMS...!!
GOD BLESS YOU..!!

"मोहब्बत नहीं खुमार है मेरा"


शहनाई के शोर में वो मशगुल थे इस कदर,
मेरी सिसकिया उन्हें कहाँ सुनाई देती..
वो जो हर बार हमें नजरो से गिराते गए,
हमारी मायूसी भला कैसे दिखाई देती...

वो जो कहते है दिल का टूटना उन्हें नागवार है,
हर दिल को बचाते-बचाते,इस दिल को वो तोड़ते गए...

कहते है हमसे "मोहब्बत नहीं खुमार है मेरा"
जरा दिल को टटोल कर देखो अपने...
जब भी तलाशा है खुद को हमने,
खुद में उनके निशाँ ही पाते गए...

गर है खुमार ये उनके लिए,तो खुमार ही सही,
इस नशे के साथ ही जीना है हमें,
मुझे न होश में आने देना..
इस नशे में ही हम अक्सर खुद को सँभालते गए....

Friday, December 30, 2011

NONE BUT DA LONELY "HEART".....


ऐसा भी होता,तू आज मेरे साथ होता,
अगर मेरे एहेसास छु पाते तेरी रूह की गहराई को...
जमते नहीं मेरे आखो के आंसू,
तेरी सासों की गर्मी अगर मेरे पास होती..

चलते-चलते थक न जाते मेरे कदम,
मंजिल में अगर तुम मेरा इंतजार करती..
तुझे तो अब ख्यालो में ही पाता हो, 
हकीकत में ज़िन्दगी कुछ खफा सी रहती है...

मेरी खाव्बो की जमी पर,
अक्सर बरश्ती है तेरी यादो की बूंदे...
इन्हें पलकों में समेटा है मैंने..
आँखों से आंसू बनकर बहती है ये,
खुद को डूबते देखा है इनमे मैंने...


Tuesday, December 27, 2011

Tears in my eyes just for u..

 

अपने आंसू को चखकर देखा है,जो तेरी याद में बहे...
वो मुझे खारे से नहीं, कुछ मीठे से लगे...
हर बूँद को समेटा है,जो इन आँखों से बहे,
हर आंसू में आप हमे कुछ अपने से लगे..

बिखरते कैसे हम हर बार टूट जाने के बाद,
डगमगाते कदमो से संभले,लड़खड़ाने के बाद...
आप हर बार मुझे तोडती गयी,
आपके हर सितम मुझे आखरी से लगे..

 अब भी हममे है कुछ सांसे बाकि,
कुछ अधूरा तुम पूरा करते जाना.. एक मुलाकात देते जाना,
शायद अब भी है कुछ टूटने को बाकि.. जाते-जाते इसे भी तोड़ते जाना....

Friday, December 23, 2011

LOVE IS BLIND.....

 

वो सुन कर भी मेरी धडकनों को अनसुना कर गए,
जाते-जाते मेरे लबों को नहीं मेरे एहसास को ख़ामोशी दे गए...
अब खुद को भी महसूस करना मुश्किल सा लगता है,
वो खुद को मुझसे दूर करते-करते,मुझे मुझसे दूर कर गए..

न होती मुझे शिकायत उनसे,अगर न वो ये कहते मुझसे,
करते-करते मोहब्बत,वो मुझसे नफरत कर गए....
चाह कर भी अब भूलना मुमकिन नहीं है,
वो कुछ हमें ऐसे पल दे गए...

अब टूटने के एहसास का दर्द नहीं होता,
ये दस्तूर अब अपना सा लगता है..
दूर करते भी कैसे टूटे हिस्सों को खुद से,
वो हर हिस्से में खुद को बसा कर गए...

Monday, December 12, 2011

""काश ये भी होता कभी""



जी भर के कर लो प्यार आज,
भिखर जाने दो खुद को मेरी बाहों में.
बहकते है कदम,तो बहक जाने दो,
अरमानो को आज पंख लग जाने दो..

आज हर फासले पूरे हो,हर दूरियाँ मिट जाने दो,
इस पल को यु न जाने देना, ये पल फिर हो न हो..
कुछ इस तरह से बीते ये रात,
आँखों से उतरकर,दिल में ठहर जाने दो..

खो जाये एक-दूजे में कुछ इस तरह,
की कुछ हमें याद न रहे...
न हो बंदिशे कुछ,न हो किसी की परवह,
साँसों को महसूस करे,धडकनों को सुने कुछ इस तरह....

जी भर के कर लो प्यार आज,
भिखर जाने दो खुद को मेरी बाहों में.
बहकते है कदम,तो बहक जाने दो,
अरमानो को आज पंख लग जाने दो..

Saturday, December 10, 2011

ख़ामोशी मे भी तुम हो



कुछ नहीं आज कहने को तो कुछ हिस्सों में आज आपसे करता हूँ दिल की बात....... 

                      "तेरी हांसी में मेरी ख़ुशी"
ज़िन्दगी में आपका साथ चाहिए,हर ख़ुशी आपकी ख़ुशी के बाद चाहिए,
हमने माँगा है अपनी दुआ में आपको,आपकी दुआ में अपना नाम चाहिए..
नींद आती नहीं "आपकी" की याद में,बेताब आँखों को आपका दीदार चाहिए,
ज़िन्दगी में आपका साथ चाहिए,हर ख़ुशी आपकी ख़ुशी के बाद चाहिए...

                          "हर पल तेरे साथ"  
न समझ तू खुद को अकेला,भीड़ भरी इस तन्हाई में,
तू अगर कहे तो मै तेरा साया बन जाऊ....
सब बाटेंगे तेरी ख़ुशी,मै तेरे हर गम ले जाऊ.....
तू सदा मुशकुराती रहे,हर हंसी पर तेरा हक छोड़ जाऊ.....  

                       "मिलना तो होगा ही" 
मै बहता एक साहिल की तरह, तू एक बहती धारा,
कही तो मिलना होगा ही हमारा.....
मै हो गहरे सागर सा,तू चंचल बहती नदी सी,
कही तो मिलना होगा ही हमारा.....

Wednesday, December 7, 2011

तुम जो कहो मै तुम्हारा हमसफ़र बन जाऊ....



 
 

 
तुम जो कहो गुनगुनाती गजल बन जाऊ,
तुम्हे पसंद है बूंदे बारिश की....
मै बरश्ता सावन बन जाऊ.....
खिल जाना तुम भीग कर,
मेरी प्यार की बारिश मे...
महक जाये तेरी ज़िन्दगी,
मै तेरे लिए वो चमन बन जाऊ..

उदासी तेरे चेहरे पर अच्छी नहीं दिखती,
मै तेरे लबो की हंसी बन जाऊ..
धडकता है सिने मे दिल जिस तरह,
तुम जो चाहो में दिल की तेरे धडकन बन जाऊ...

मांग लो हर एक दुआ रब से,
तेरी हर दुआ के लिए, मे टुटा तारा बन जाऊ....
है धुप से भरी यहाँ सबकी ज़िन्दगी....
मै तेरे लिए एक छाव बन जाऊ..
क्यों तुम चलती हो इस सफ़र मै अकेली,
तुम जो कहो मै तुम्हारा हमसफ़र बन जाऊ....

Sunday, December 4, 2011

I LEARN TO B ALONE....



आज जब सोचता हूँ एक पल रुक के,की ज़िन्दगी से क्या चाहा था मैंने,

जो भी चाहत है मेरी उसमे क्या पाया है मैंने, कुछ पाकर जी रहा हूँ.. 

या शयद सबकुछ लुटाकर,क्यों मै खफा-खफा सा रहता हूँ खुद से अक्सर..

जो कुछ भी खोया है मैंने...क्या वो कभी मेरा था भी....

फिर क्यों हैरान हूँ मै,फिर क्यों परेशान हूँ...

गुलिस्तान में ऐसे भी कई फूल थे जो खिल न सके....

खुदा के करम से मै तो महका था इस चमन में कभी.....

हर खुशबु कहा ठहरती है दो पल के लिए...

मुझे तो रूका गया हर सुबह के लिए....

फिर क्यों शिकायत करो ज़िन्दगी मै तुझसे....
तुने मुझसे वही लिया जो तेरा था......

(तुझसे और क्या मांगू जिंदगी,बस मेरी जिंदगी लौटा दे...)
LOVE U PARI..

I M TRYING BUT CAN'T HATE U....



सुबह नहीं हुई हमारी न जाने कब से,ये रात कुछ थम सी गयी है, 
पलके तरश्ती है झुख जाने को पर हमे नींद आती ही नही है..
कुछ दर्द पल रहा है दिल मे मेरे,वो एहेसास ज़रूर तेरे ही है,
बूँद-बूँद कर,तूने तोड़े मेरे हर खवाब...तरसाया तुने इतना हमे..
की प्यास अब हमें आती ही नहीं है....
हर अजनबी से डर लगता है मुझे,कही वो ठग न ले,
अपनों की महफ़िल में भी हम जाते नहीं....
हर एक की बातो में क्यों रंजिश सी दिखती है,
खुद से भी नजर हम मिलाते ही नहीं....
तुने जो दिए खजाने आसू के,वो थमते नहीं,
हसी तो आती है हमें, पर दो पल के लिए भी मुश्कुराते नहीं.....
करता हो कोशिश की तुझसे नफरत कर लू...
पर मेरी मोहब्बत मेरा साथ देती ही नहीं....

Saturday, December 3, 2011

""meet me once before i stop living""

 

कैसे जुदा रख्खू खुद से तेरे ख्यालो को....
तू एक पल भी मुझसे जुदा नहीं होती....
तेरी कोशिश है लाख दूर जाने की मुझसे....
फिर क्यों तू मुझसे खफा नहीं होती....
मुझे भूल जाने में गर छुपी है तेरी ख़ुशी...
तो दुआ कर,साँसे रुक जाये मेरी....
धड़कते दिल से कभी "रूह" जुदा नहीं होती....
कभी आंसू बनकर मेरी आँखों में,
तो कभी महेकती है तू मेरी सांसु में...
तू ही बता मै क्या करू,बिन तेरे मै कैसे जियो...





Sunday, November 20, 2011

""मुस्किल है तुझसे नफरत


जमाने का तो पता नहीं हमें...पर मेरी मोहब्बत में कोई शर्त न थी...
तुम होगे मेरे या नहीं ये रब जाने...दिल में मेरे सिर्फ प्यार रहेगा... 
नफरत की कोई जगह नहीं....प्यार मुझे सिर्फ तुझसे नहीं, तेरी हर बातो से है...
तेरी आँखों से,तेरे मिलने के वादों से है...तेरे इंतजार,तेरे आने के खयालो से है....
तुम चाहो तो भूल जाना मुझे... तुम्हारे लिए आसान ही होगा...
पर मुझे तो तेरी इस अदा से भी प्यार ही होगा...

Saturday, November 19, 2011

""कुछ नहीं सब कुछ तुम हो""

 
एहेसास तो कई है यहाँ महसूस करने के लिए....
पर दर्द से नाता टूटता ही नहीं....
ख़ुशी की तलाश में निकले घर से हम जब भी....
रहो में हमेशा घेरा अंधेरो ने मुझे....
अब क्या करे,कैसे समझाए इस दिल को....
कुछ रिश्तो को ये भूलता ही नहीं....
कोई है जो निभाने की वजह देता ही नहीं..
कुछ वादे नहीं थे हमारे दरमियाँ....
सो वो मुशकुरा कर चल दिए ज़िन्दगी से मेरी...
जिनको चाह है हमने हर पल खुद से बढकर...
पर वो की एक मुलाकात देते नहीं.....

Thursday, November 17, 2011

""एक तम्मना""


मेरे और खुद के बीच,मेरी गलतियों की चादर है....
दुआ पहुची नहीं उन तक,तो रज़ा कबूल कैसे होती...
लाख चाहा की सुलझ जाये मुश्किलें मेरी....
पर ज़िन्दगी है की और उलझती गयी...
अब तो सुलझाने का वक़्त नहीं मिलता..
की उलझनों को गिनने में शाम गुजरती है मेरी...
अब भी सजदा करती है आँखे मेरी....
पर अब कोई अल्फाज नहीं इनमे....
मांग कर तो देखा खुशियों का सागर..
मगर मिल न सकी एक अदत बूँद...
चलो देखे जरा बिन मांगे नसीबा क्या दे जाता है.....

Saturday, November 12, 2011

"ख़ामोशी में तुम"

आज न जाने क्यों दिल खमोश है..एहेसास को आज कोई अल्फाज़ नहीं है....
बाते तो है मगर बातो वो बात नहीं है...सबकुछ होकर भी "कुछ" है "जो" साथ नहीं है....
"गुफ्तगू" होती है तेरी खुद से,"गुफ्तगू" होती है तेरी खुद से तू नहीं है जब से....
खुद का  कुछ हिस्सा तू जी रही है  मुझमे......मै रुक भी जाऊ अगर थक के.....
एक तू है मुझमे थमता नहीं..एक तू है मुझमे थमता नहीं..
कुछ ही पल है हमारे जो कभी साथ बांटे थे...कुछ ही पल है हमारे जो कभी साथ बांटे थे...
उनको हर रोज़,हर पल जीता हूँ.....तेरे एहेसास को खुद में जीता हूँ.....तेरे एहेसास को खुद में जीता हूँ.....

Wednesday, November 2, 2011

.""लौट आओ""

 

वो आदत बन गए मेरी....जिनके खयालो मे भी हम दूर तक नहीं....वो दिल से जाते ही नहीं...जिनको हम कभी याद आते ही नहीं...देख कर राहो में अजनबी से बन जाते है...आँखे करती है कई  सवाल "उनसे " पर वो है की नज़र मिलते ही नहीं.. पर वो है की नज़र मिलते ही नहीं.. हम न करते "इजहार-ए-मोहब्बत",अगर वो इतना तड़पाते नहीं.... मालूम होता इस नादाँ दिल को... की दूर तो तब भी वो चले जायेंगे,भूल कर भी उन्हें कभी पास बुलाते नहीं.... भूल कर भी उन्हें कभी पास बुलाते नहीं..... हर वक़्त वो मेरे साथ होकर भी,कुछ दूर सा लगता है...वो मेरी ज़िन्दगी का सिर्फ हिस्सा नहीं..  मेरी ज़िन्दगी सा लगता है....


Monday, October 31, 2011

ये भी "इश्क" है...





मेरी मोहब्बत को "वो" पागल पन का नाम दे गये...
जाते-जाते मेरी जिंदगी से,"वो" कुछ ऐसा काम कर गए..
आँखों के नाम होने की वजह तो सबके पास ही होती है....
जाते-जाते "वो" मेरी "रूह" को नम कर गए ....
जिन्हें समझने के लिए हम खुद को भूल गए,
"वो" हर कदम पर हमे सजा दे गए...
नहीं है उन्हें मोहब्बत हमसे, इस बात का गम नहीं,
बस एक "कोशिश" की होती हाल-ए-दिल समझने की..
मेरे दिल में है सिर्फ प्यार उनके लिए,
अपने दिल में "वो" सिर्फ नफरत ले गए.....
मेरी मोहब्बत को "वो" पागल पन का नाम दे गये...
जाते-जाते मेरी जिंदगी से,"वो" कुछ ऐसा काम कर गए..
अगर मिल भी जाये कभी रहो में, तो भूल कर भी नज़र "वो" मिलाते नहीं....
एक झलक जिनकी पाने के लिए हम पलके झुकाते नहीं,"वो" हमे नजरो से भी गिरते गए....

Saturday, October 15, 2011

कभी मिले वक़्त दो पल के लिए, तो "रुख" करना दर का हमारे...  महसूस करोगे "खुद" के वहा बसने के एहसास को...यकीन होगा तुम्हे...
                                ""तेरा इंतजार तो अब भी है..तुझसे "प्यार"तो अब भी है"".. 
 दीवारों से की हमने तेरी बाते, सभी तो सोये थे, जागी है मेरी कई राते....घर के हर हिस्से मे तेरी यादें छुपा रक्खी है,खुदा के साथ तेरी तस्वीर लगा रक्खी है.. तेरे यहाँ "" न"" होने का एहसास मुझको नहीं होता..... जो कभी तेरी खुश्बो से महेका था.कोना-कोना मेरे घर का.. तेरी खुश्बो को आज भी बसा रक्खा है...सिर्फ आईने मे ही नहीं तेरा अक्स  हर जर्रे मे दिखेगा.....यकीन होगा तुम्हे....  
                             ""तेरा इंतजार तो अब भी है..तुझसे "प्यार"तो अब भी है""... 
दो पल के लिए ही सही भूल जाना सबकुछ.....खुद को नए सिरे से पाने का एहसास होगा....
मेरी नजरो से जब देखोगे खुद को, तो समझोगे "प्यार" ही खुद है.. यकीन होगा तुम्हे....   
                         ""तेरा इंतजार तो अब भी है..तुझसे "प्यार"तो अब भी है""...

Friday, October 14, 2011

"आस्मां की आगोश मे"

 
 
जमी को छोड़ कुछ पल के लिए, चल आसमान मे उड़े दो पल के लिए......
भूल जाये सब बंदिशे,भूल जाये सब रंजिशे....
तू पंख बन जा मेरे, मै पंख बन जाऊ तेरे लिए..
वो एहसास भी कितना अनोखा होगा,
जिसने दुनिया को उचाई से जिया होगा....
चल फिर उड़ चले इस पल को जीने के लिए,
जमी को छोड़ कुछ पल के लिए...
नीले आकाश से देखेगे, लहराते खेतो को,
गेहरे सागर की गोद,करवटे लेती ज़िन्दगी को...
दूर उड़ते रहे,हवा के रथ पर सवार...दूर कही अपना नया बसेरा बना ले..
बर्फ को चख अपनी प्यास बुझा ले..... 
उड़ चले जमी को छोड़ कुछ पल के लिए,
चल आसमान मे उड़े दो पल के लिए....
मेरी धड़कन को तू महसूस करे, तेरी धड़कन  को मै...
तू मुझमे जिए, मै जियो तेरे लिए....
जमी को छोड़ कुछ पल के लिए, चल आसमान मे उड़े दो पल के लिए......
भूल जाये सब बंदिशे,भूल जाये सब रंजिशे....
तू पंख बन जा मेरे, मै पंख बन जाऊ तेरे लिए..

Thursday, October 13, 2011

"अजनबी" हो गये खुद के लिए...




"तुझको" पाने की तलाश कुछ इस तरह से की........
"तुझको" पाने की तलाश कुछ इस तरह से की......
की खुद को कही दूर पीछे भूल आये हम....
इस तरह से "दीवानगी" है तुझे अपना बनाने की....
कई अपने पीछे भूल आये हम....
न रहो पर ध्यान है, न रहगुजर पर...... न रहो पर ध्यान है, न रहगुजर पर....
"तेरी" तलाश मे भटकते दर-बदर...
एक पल तेरे "दीदार" को, अपने हर पल को थामा है....
एक पल तेरे "दीदार" को, अपने हर पल को थामा है....
पलक झपकने के दर्मिया तू गुजर न जाये कही राहो से....
इस डर से हमने झपकती पलकों को थामा है....
आईने मे तेरी सूरत दिखती है... तेरी धड़कन मे  "मुझे" मेरी ज़िन्दगी दिखती है...
बहुत कुछ है मेरे पास, बहुत कुछ है मेरे पास,पर सब कुछ क्यों कम सा लगता है...
मेरा "वो" सब कुछ क्यों "तुम" सा लगता है....मेरा "वो" सब कुछ क्यों "तुम" सा लगता है...
जागती रातो के साथ, सोती सुबह के साथ, होश मे हो या फिर मदहोशी के साथ..
तेरा ख्याल दिल से जाता ही नहीं... 

Tuesday, October 11, 2011

फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो

तुम मेरी जिंदगी हो....तुम मेरे हर पल मे हो .....
फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो......तुम मेरे दिन मे हो,मेरी रात मे हो...
फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....
मेरे खयालो मे तुम हो , मेरे ख्वाबो तुम हो ....
मेरी हर बात तुमसे है,जुड़े हर जज्बात तुमसे है....
फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....
सुना है की "रब" सबकी सुनता है...दिल से मांगी हर दुआ कबूल करता है.....
मंदिर,मज्जिद,गुरूद्वारे..... सिर्फ तुझको पाने के सजदे किये है....
फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....
 कहते है सभी की ""इश्क"" एक इबादत है... कहते है सभी की ""इश्क"" एक इबादत है...
सच है अगर ये तो...पूजा ही की हमने तेरी....तुझको अपना "'खुदा" मानकर....
फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....
 तेरे नाम से धडकनों का शोर बढ जाता है...तेरे ख्यालो से हर पल गुजर जाता है..... तुम नहीं मेरे आस-पास... फिर क्यों ये नज़रे,तुझको तलाशती है पल-पल.....ये क्या है जो तेरे "एहेसास" को मुझसे जुदा नहीं करता.... अगर है ये मोह्हबत... फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....फिर क्यों तुम मेरी नहीं हो.....

Wednesday, October 5, 2011

सब कुछ तो ""माँ "" है.....

जब पहचान न थी हमारी तब से जिसने जाना है हमे वो "माँ" है..... 
हमारी हर साँस को जिसने हर पल जिया है वो "माँ" है..... 
दुनिया की तकलीफ से "महफूज" रख जिसने खुद मे पाला है हमे वो "माँ" है..... 
कभी धुप से, कभी बारिश से..कभी सर्द जाड़ो की रातों से....
हर पल अपने आँचल मे छुपाया है वो "माँ" है.....  
आज भी हमे समझना सबके लिए आसान नहीं...
बिन बोले जिसने सबकुछ समझा वो "माँ" है..... 
कभी दोस्त, कभी बहन, कभी साथी... नारी के रूप है कई..
पर सबसे प्यारी वो "माँ" है..... 
बिन मांगे जो सबकुछ दे...बदले मे कुछ न ले....
जिसे हर दर्द का एहेसास ... जो हर पीड़ा को समझे ...
आपकी हर "दुआ" मे जिसकी "रजा" हो...
जो हर पल आपके लिए "दुआ" करे  वो "माँ" है..... 
हर ख़ुशी कम सी है....हर रिश्ता कम सा है.....
सबसे बढकर जो है  वो "माँ" है..... सब कुछ तो ""माँ "" है.....

Wednesday, September 28, 2011

yaadein...!!


सितारों का करवा असमान मे था, चाँद हर पल पिघल रहा था.......
बूँद-बूँद पिघलते चाँद को देखकर... कुछ हमे याद आ रहा था..
यु ही अस्मा मे एक नज़र देखता रहा...
सितारों को चुन तेरी तश्वीर बनाता रहा...
अकेले हम भी थे.. अकेला चाँद भी था....
कुछ हम उसे, कुछ वो हमे सुनाता रहा......

जब बनी तश्वीर तेरी, तो चाँद कुछ रूठ सा गया,
कहने लगा पागल तू जमीं में चाँद कैसे पा गया..
मुश्कुरा कर हमने चाँद से कहा,
तेरा दीदार तो मुझे हर रात होता है,
पर ये चाँद मुझसे कही खो गया....

Friday, September 23, 2011

""AARZOO""




एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है....
आखरी  साँस लो बाहों मे उनकी......
लौट आएँगी जिंदगी ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है....
आज भी उनको याद करते-करते सो जाते है हम...
कुछ यादो को तकिये के नीचे छुपा रखा है,
खतो की खुश्बो को साँसों  मे बसा रखा है...
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है.... 
कुछ तो  बात थी उनकी "बातो" मे,
बस यु ही याद नहीं आते वो, उस आहट ने दिल को धड़का रखा है......
पलके बिछाये बैठे है राहों पर जहा से वो कभी गुजर गए.....
लौट आएँगी जिंदगी वही से ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है......
लौट आएँगी जिंदगी ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......

""TALASH""


सागर की लहरों की तरह है ""मेरी ज़िंदगी""
बिना किनारों के बहती ""मेरी जिंदगी"" 
कुछ इस तरह से,टकराई साहिल से,
की टूटे कांच की तरह बिखर गई ""मेरी जिंदगी "
लाख जोड़ना चहा जुदा हुए हिस्सों को,
पर टूट के फिर न जुड़ पाई ""मेरी जिंदगी""
अब हंसी हमे देखकर रो सी पड़ती है..
कुछ इस तरह से रोई ""मेरी ज़िंदगी"" 
दर्द का हाथ थामे... न जाने कितनी दूर चले आये,
की पिछला सब भूल चुकी ""मेरी जिंदगी"" 
अब आस-पास कोई हो न हो... खुद के साये से डरती ""मेरी जिंदगी""..
धडकनों का शूर भी अन चाहा सा लगता है...... क्यों चल रही है ये मुझसे पोंछती "'मेरी जिंदगी"......

Thursday, September 22, 2011

""SAFAR""......

 
बरसो  से  चलते -चलते  थक  गयी  मेरी  आँखे , खाव्बे  मंज़िल   को  पाने  के  लिए ,
फिर  चल  पड़ी  मेरी  आँखे ……..खुली  आँखों  से  देखे  है  कई  सपने ,
खुली  आँखों  से  सूये है  कई  राते ……कभी  कुछ  पाकर ,कभी  सबकुछ खोकर,
अक्सर  नम रही है  मेरी  आँखे ….. ज़िंदगी  के  सफ़र  मे  चलते -चलते  रहो  मे  कई  मिले ,
फिर  भी  किसी  अपने  को  तलाशती  मेरी  आँखे ……बरसो  से  चलते -चलते  थक  गई  मेरी  आँखे ……….

MAI AUR TUM....

एक  खूबसूरत  शाम  हो ,और  तेरा  साथ  हो …..
लहरों पर  मचलता  पूरा चाँद  हो ….   
दूर  तक फेली  तन्हाई  मे ,धड़कन  शोर  मचाती , 
लब  खामोश  सिर्फ  आँखों  से  बात  हो... 

एक  खूबसूरत शाम  हो ,और  तेरा  साथ  हो .. 
चाँद  की  रौशनी  तेरे  चेहरे  पर,तेरी  खुशबू  से  महका  पूरा  आलम  हो …..
ठंडी   हवा  के  झौको  से  तेरी  जुल्फों  मे  सरसराहट  हो... 

एक  खूबसूरत  शाम  हो ,और  तेरा  साथ  हो ……. 
मील  दूर  तक  चले  हम ,न  मंज़िल  की  खबर  न  राहो  पर  ध्यान हो .. 
एक खूबसूरत  शाम  हो ,और  तेरा  साथ  हो ......
तेरी सासों की गर्मी को में महसूस करो,
तेरे हूँठो की मेरे हूँठो से हो गुफ्तगू..
तुम कुछ इस कदर मेरी बाहों में हो,
एक खूबसूरत  शाम  हो ,और  तेरा  साथ  हो ......


TU AAJ BHI KAHI AAS-PAS HAI.....

मैं आईने मे देखकर,खुद से ये बाते करता हूँ....
तेरी जुल्फों के साए मे,मेरी ज़िंदगी गुज़र जाये....                  
जब हो हाथों में हाथ तुम्हारा,वो पल वही थम जाये.....

मैं आईने मे देखकर खुद से ये बाते करता हूँ..
काएनात की खूबसूरती तेरे सामने कुछ नहीं,
चाँद की रौशनी तेरे सामने कुछ नहीं...
तुझे देखते -देखते सारी उम्र गुज़र जाये.....
जब मुशकुराती हो तुम,लबू पर मोती बिखर जाते है,
जैसे आसमान मे बिखरे हो सितारे कई....

मैं आईने मे देखकर खुद से ये बाते करता हूँ,
हर पल तुम बिन एक सजा सी लगती है,
साँसे मेरी कुछ जुदा-जुदा सी लगती है....
क्यों इतनी मोहब्बत है तुमसे,हर महफ़िल तनहा से हो जाते है,
जब से करीब हुए हो दिल के आप न चाहते हुए हम सबसे दूर हो जाते है...
हर पल आपकी याद है,हर पल आपका ख्याल है,  
आपसे  हमारे दिन,आपसे ही रात है...

मैं आईने मे देखकर,खुद से ये बाते करता हूँ,
तेरे साथ जो कुछ लमहे बिताये है,उनमे हमने जिंदगी छिपा ली,
दुआऊ का दिया बुझ न पाए कभी,ख़ुदा के सामने रूह तक जला ली...
हो तुम मेरे मुकद्दर मे,मै नहीं जानता,पर तुझको अपनी तकदीर बना ली,
खतम न होंगी खुद से तेरी बाते, हर धड़कन के साथ तेरी याद है,
इस याद को हमने अपनी आदत बना ली..

मैं आईने मे देखकर खुद से ये बाते  करता हूँ,
तेरी जुल्फों के साए मे,मेरी ज़िंदगी गुज़र जाये,
जब हो हाथों में हाथ तुम्हारा,वो पल वही थम जाये...
मैं आईने मे देखकर खुद से ये बाते  करता हूँ..