सागर की लहरों की तरह है ""मेरी ज़िंदगी""
बिना किनारों के बहती ""मेरी जिंदगी""
बिना किनारों के बहती ""मेरी जिंदगी""
कुछ इस तरह से,टकराई साहिल से,
की टूटे कांच की तरह बिखर गई ""मेरी जिंदगी "
की टूटे कांच की तरह बिखर गई ""मेरी जिंदगी "
लाख जोड़ना चहा जुदा हुए हिस्सों को,
पर टूट के फिर न जुड़ पाई ""मेरी जिंदगी""
पर टूट के फिर न जुड़ पाई ""मेरी जिंदगी""
अब हंसी हमे देखकर रो सी पड़ती है..
कुछ इस तरह से रोई ""मेरी ज़िंदगी""
कुछ इस तरह से रोई ""मेरी ज़िंदगी""
दर्द का हाथ थामे... न जाने कितनी दूर चले आये,
की पिछला सब भूल चुकी ""मेरी जिंदगी""
की पिछला सब भूल चुकी ""मेरी जिंदगी""
अब आस-पास कोई हो न हो... खुद के साये से डरती ""मेरी जिंदगी""..
धडकनों का शूर भी अन चाहा सा लगता है...... क्यों चल रही है ये मुझसे पोंछती "'मेरी जिंदगी"......

nice lines
ReplyDeletethank u....!!
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