Friday, September 23, 2011

""AARZOO""




एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है....
आखरी  साँस लो बाहों मे उनकी......
लौट आएँगी जिंदगी ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है....
आज भी उनको याद करते-करते सो जाते है हम...
कुछ यादो को तकिये के नीचे छुपा रखा है,
खतो की खुश्बो को साँसों  मे बसा रखा है...
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है.... 
कुछ तो  बात थी उनकी "बातो" मे,
बस यु ही याद नहीं आते वो, उस आहट ने दिल को धड़का रखा है......
पलके बिछाये बैठे है राहों पर जहा से वो कभी गुजर गए.....
लौट आएँगी जिंदगी वही से ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......
एक अरमान जो बरसो से सजा रखा है......
लौट आएँगी जिंदगी ये सोचकर दिल को बहेला रखा है......

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