Sunday, December 4, 2011

I LEARN TO B ALONE....



आज जब सोचता हूँ एक पल रुक के,की ज़िन्दगी से क्या चाहा था मैंने,

जो भी चाहत है मेरी उसमे क्या पाया है मैंने, कुछ पाकर जी रहा हूँ.. 

या शयद सबकुछ लुटाकर,क्यों मै खफा-खफा सा रहता हूँ खुद से अक्सर..

जो कुछ भी खोया है मैंने...क्या वो कभी मेरा था भी....

फिर क्यों हैरान हूँ मै,फिर क्यों परेशान हूँ...

गुलिस्तान में ऐसे भी कई फूल थे जो खिल न सके....

खुदा के करम से मै तो महका था इस चमन में कभी.....

हर खुशबु कहा ठहरती है दो पल के लिए...

मुझे तो रूका गया हर सुबह के लिए....

फिर क्यों शिकायत करो ज़िन्दगी मै तुझसे....
तुने मुझसे वही लिया जो तेरा था......

(तुझसे और क्या मांगू जिंदगी,बस मेरी जिंदगी लौटा दे...)
LOVE U PARI..

1 comment:

  1. JUST GIVE ME THAT TIME BACK TO ME.. WHICH I SPEND WITH HER..!! COZ I WANA LIVE ONCE BEFORE I DIE....

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