पिया तेरे- मेरे मन की ये बातें...
पिया कुछ उलझी, सुलझी सी ये बातें ...
मै जानू क्या तू चाहे, तू समझे मेरी हर आंहे...
पिया तेरे मेरे मन की ये बातें ...
दूर होते ये साए ,पर एहसास कहा जुदा होते है ..
दूर होकर भी हम खुद को एक-दूजे में जीते है ...
पिया तेरे मेरे मन की ये बातें ...
पिया कुछ उलझी,सुलझी ये बातें ...
तू अब्र की तरह छा जा, मै तुझमे कही खो जाऊ,
तू बूँद-बूँद बरश जा ,मै प्यासी धरती बन जाऊ....
