Tuesday, December 27, 2011

Tears in my eyes just for u..

 

अपने आंसू को चखकर देखा है,जो तेरी याद में बहे...
वो मुझे खारे से नहीं, कुछ मीठे से लगे...
हर बूँद को समेटा है,जो इन आँखों से बहे,
हर आंसू में आप हमे कुछ अपने से लगे..

बिखरते कैसे हम हर बार टूट जाने के बाद,
डगमगाते कदमो से संभले,लड़खड़ाने के बाद...
आप हर बार मुझे तोडती गयी,
आपके हर सितम मुझे आखरी से लगे..

 अब भी हममे है कुछ सांसे बाकि,
कुछ अधूरा तुम पूरा करते जाना.. एक मुलाकात देते जाना,
शायद अब भी है कुछ टूटने को बाकि.. जाते-जाते इसे भी तोड़ते जाना....

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