Friday, December 23, 2011

LOVE IS BLIND.....

 

वो सुन कर भी मेरी धडकनों को अनसुना कर गए,
जाते-जाते मेरे लबों को नहीं मेरे एहसास को ख़ामोशी दे गए...
अब खुद को भी महसूस करना मुश्किल सा लगता है,
वो खुद को मुझसे दूर करते-करते,मुझे मुझसे दूर कर गए..

न होती मुझे शिकायत उनसे,अगर न वो ये कहते मुझसे,
करते-करते मोहब्बत,वो मुझसे नफरत कर गए....
चाह कर भी अब भूलना मुमकिन नहीं है,
वो कुछ हमें ऐसे पल दे गए...

अब टूटने के एहसास का दर्द नहीं होता,
ये दस्तूर अब अपना सा लगता है..
दूर करते भी कैसे टूटे हिस्सों को खुद से,
वो हर हिस्से में खुद को बसा कर गए...

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